अन्ना !……फतेहपुर आपके साथ है !

 और कुछ नहीं …..बस इतना ही कि 

“अन्ना!………फतेहपुर आपके साथ है

फतेहपुर : 48वीं बार में जब्बार पास हो ही गए मैट्रिक

कहते हैं-

‘सीढ़ियां उनके लिए बनी हैं जो छत पर जाना चाहते हैं, 
है आसमां पे जिनकी नजर, उन्हें रास्ता खुद बनाना है।’ 

कुछ ऐसा ही जज्बा लिए जब्बार जब ने 48वीं बार हाईस्कूल की परीक्षा दी और ऊपर वाले ने भी पूरा करम बख्शा। आखिर 68 वर्ष की उम्र में उनका मैट्रिक पास होने का सपना पूरा हो गया। बुधवार को कालेज के प्रधानाचार्य ने उन्हें पास होने का प्रमाणपत्र लेने के लिए बुलवाया तो खुशी से उनकी आंखें छलक उठीं। वह जोश से कहते हैं कि कुछ आर्थिक मदद मिले तो वह आगे भी पढ़ना जारी रखेंगे।
डीघ गांव निवासी जब्बार बेहद गरीब हैं। फुटपाथ पर जूते-चप्पल बेचकर अपने परिवार की जीविका चलाते हैं। 15 वर्ष की अवस्था में उनका निकाह हुआ था। उस समय उनमें पढ़ने का जुनून था। कामकाज न करने के कारण पत्नी ने तलाक दे दिया। 20 वर्ष की उम्र में पहली बार वह हाईस्कूल की परीक्षा में बैठे। अपनी मेहनत और बिना नकल पास होने की हसरत लिए पिछले 48 साल से वह लगातार बोर्ड परीक्षा का फार्म भरते चले आ रहे थे। 48वीं बार उन्हें सफलता मिली।
जब्बार हुसेन ने वर्ष 1963 में नगर के नेहरू इंटर कालेज में विज्ञान वर्ग से संस्थागत परीक्षार्थी के रूप में पहली बार हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। तब वह हिंदी के अलावा सभी चार विषयों में फेल हो गये थे। इसके बाद से उन्होंने विज्ञान वर्ग छोड़कर कला वर्ग से व्यक्तिगत परीक्षा देना शुरू किया। दुर्भाग्य रहा कि तब से हर साल फेल होते आ रहे हैं। वर्ष 2010 की परीक्षा में हिंदी, सामाजिक विज्ञान व कला में पास हो गये थे। जबकि अंग्रेजी, प्रारंभिक गणित व विज्ञान में फेल हो गये थे। रिजल्ट अनुत्तीर्ण रहा था। इस वर्ष उन्होंने केवल अंग्रेजी, प्रारंभिक गणित व विज्ञान की परीक्षा दी थी। जब्बार का रिजल्ट विचाराधीन आया था। प्रमाण पत्र सह अंकपत्र आने पर विज्ञान में 35 अंक मिले हैं। प्रारंभिक गणित में 28 अंक हैं। इसमें 5 नंबर का ग्रेस मिल जाने पर इसमें उत्तीर्ण मान लिये गये। इसके बाद अंग्रेजी में केवल एक अंक मिला है। चूंकि एक विषय में फेल को पास माने जाने की व्यवस्था है। इसके तहत जब्बार उत्तीर्ण हो गये। प्रधानाचार्य ने बताया कि जब्बार रिगुलेशन 17(1) चैप्टर 12 के तहत हाईस्कूल परीक्षा 2011 में पास हो गये हैं। 

बुधवार को नगर के दयानंद इंटर कालेज के प्रधानाचार्य ओम प्रकाश वाजपेई ने बुजुर्ग जब्बार को गांव से बुलवाकर प्रमाणपत्र दिया तो खुशी से उनकी आंखों में आंसू आ गए। बच्चों ने उनके जज्बे को सलाम करते हुए तालियों की ध्वनि से बधाई दी।
(समाचार साभार : अमर उजाला फतेहपुर )

फतेहपुर : सैकड़ों यात्रियों के लिए भगवान बन गये ग्रामीण

भरी दोपहरी जब हर कोई अपने काम में व्यस्त  था। अचानक एक जोरदार के  धमाके ने सबको दहला दिया। ऐसा लगा जैसे बम फट गया हो। लोगों ने घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। मंजर देखा तो दिल दहल गया। कालका मेल के करीब दर्जन भर डिब्बे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त थे। कुछ हवा में लटके थे तो कुछ पिचके थे। यात्रियों में कोहराम मचा था सभी जान बचाने की दुहाई दे रहे थे। हादसे की खबर पल भर में ही आसपास के दर्जनों गांवों में फैली तो ग्रामीणों ने घटनास्थल की ओर दौड़ लगा दी।
फतेहपुर के मलवां स्टेशन पर कालका मेल के क्षतिग्रस्त होने के बाद लगभग चार सौ से अधिक लोग फंसे थे। एसी कोच (ए1, ए2,बी1, बी 2 बी 3) समेत कुल 11 डिब्बों में मंजर दिल दहलाने वाला था। किसी का हाथ लटक रहा था तो किसी की केवल गर्दन दिखाई दे रही थी। कई यात्रियों का शरीर तो कुचल गया था। हादसे की खबर पाकर मलवां क्षेत्र के ओखरा कुंवरपुर, बेहटा, उमरगहना, मलवां, भग्गा का पुरवा चक्की गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गये। ट्रैक्टर, वैन, पिकअप समेत वाहनों से पहुंचे ग्रामीणों ने पहुंचते ही राहत कार्य शुरू कर दिया। जिस बोगी से चीख पुकार मचती उसी ओर ग्रामीणों का जत्था पहुंचकर लोगों की जान बचाने में जुट जाता। प्रशासन के पहुंचने से पहले ही लगभग सौ लोगों को ट्रेन से सुरक्षित निकालकर लोगों ने घरों में शरण दी।

प्रशासन की टीम का राहत कार्य शुरू हुआ तो एएसपी निधि सारनाथ ने गांववालों को दूर जाने को कहा। इस पर कुछ युवकों की उनसे कहासुनी हो गयी। इस पर यात्रियों ने युवकों का समर्थन किया और कहा …..कि गांववाले न होते तो वे भी काल के गाल में समा चुके होते। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी बैकफुट हुए और गांववाले वायु सैनिकों के आने के बाद उनके साथ देर रात तक राहतकार्य में जीजान से जुटे रहे।

मलवां स्टेशन पर कालका मेल में हादसे के शिकार हुए लोगों के परिजन फतेहपुर स्टेशन मुख्यालय में भटकते नजर आये। हादसे में मरे एवं जख्मी लोगों का पता लगाने पहुंचे थे लेकिन अव्यवस्था इस कदर रही कि रेलवे प्रशासन द्वारा कंट्रोल रूम तक की व्यवस्था नहीं की गयी थी। हादसे में शिकार लोगों के परिजनों को जैसे ही घटना की खबर मिली, लोग परिजन का पता लगाने के लिए फतेहपुर मुख्यालय आये तथा मृतक और घायलों की सूची तलाशते रहे।
महिलाओं ने भी बंटाया हाथ

राहत कार्य में महिलाओं ने भी हाथ बंटाया। गंभीर रूप से घायल महिला यात्रियों को जब गांववालों ने अपने घरों में शरण दी तो घर की महिलाओं ने घायलों की अपने स्तर से मरहम पट्टी की। छोटे बच्चे यात्रियों का बैग कंधे पर टांगकर उन्हें सुरक्षित स्थान तक ले गये।

औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों ने भी किया काम

ट्रेन हादसे की खबर मिलते ही फतेहपुर की आधा दर्जन से अधिक फैक्ट्रियों में शाम की शिफ्ट शून्य घोषित कर दी। लक्ष्मी काटसिन के मैनेजर एसडी यादव ने करीब दो हजार कर्मचारियों को राहत कार्य के लिए रवाना कर दिया। राधे-राधे, सिग्मा शारदा स्टील एकता डेरी त्रिवेदी इंजीनियरिंग कालेज के सैकड़ों कर्मचारी देर रात तक राहत कार्य में जुटे रहे। स्कूलों की बसें भी राहत कार्य में जुटी। समाजसेवी एंबुलेंस के साथ सबसे पहले पहुंचने वालों में थे। कई चक्कर लगाकर घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया।

(समाचार साभार : दैनिक जागरण फतेहपुर डेस्क )

फतेहपुर जिले में ट्रेन हादसे की सबसे बड़ी घटना : मलवां में कालका एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त

आज सुबह मैं संतोष त्रिवेदी  जी से मिलने उनके गाँव गया हुआ था। फतेहपुर जिले में हुई इस साल की सबसे बड़ी रेल दुर्घटना में फतेहपुर का नाम  होने से मित्रों के फोन आने पर मुझे जानकारी हुई । हालांकि शुरू में मैंने इसे केवल बोगी के पटरी से उतर जाने जैसा ही साधारण समझा था। क्योंकि बताते चलें कि खागा स्टेशन के समीप डेढ़ माह पहले संगम एक्सप्रेस की 8 बोगी पटरी क्षतिग्रस्त हो जाने से पलट गयी थी लेकिन कोई भी यात्री जख्मी नहीं हुआ था। मलवां स्टेशन के समीप 6 माह पहले भी 4 बोगी पलटी थी लेकिन कोई जख्मी नही हुआ था। जाहिर है भगवान को मेरी यह समझ स्वीकार ना थी।  वहाँ से मैं लौटकर फतेहपुर पहुंचा तो एक मित्र के साथ मलवां गया तो हक्का बक्का रह गया। रुक कर देखने , बात करने , उपस्थित  मीडिया मित्रों से प्राप्त जानकारी पर यह पोस्ट कुछ चित्रों के साथ हाजिर है |  दर्द-विदारक  चित्र जानबूझ कर यहाँ नहीं लगाए गए हैं।

अपने पेड़े के लिए प्रसिद्द मलवां को आज यह दिन भी देखना था। मलवां स्टेशन फतेहपुर से 17 किमी व कानपुर से 60 किमी दूर स्थित है। फतेहपुर  के  मलवां स्टेशन पर कालका मेल  के पलटने और लगभग 5 दर्जन से अधिक यात्रियों के मरने एवं 300 से अधिक के जख्मी होने की घटना अब तक की जिले की ट्रेन हादसे की सबसे बड़ी घटना है। घटना से लोगों का दिल  दहल गया, जिसने भी सुना वह या तो घटनास्थल की ओर कूच कर गया या फिर सदर अस्पताल में भर्ती यात्रियों को देखने पहुंचा। हर किसी के मुंह से यहीं बात निकलती कि अरे यह कैसे हुआ?

हादसा इतना बड़ा है  कि देर रात्रि तक फंसे यात्रियों को बोगियों से निकाला नही जा सका है । प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में पुलिस जवान, प्रशासनिक कर्मी एवं समाजसेवी राहत एवं बचाव कार्य के लिए लगे हुए हैं। इसके बावजूद लोग फंसे थे। जख्मी लोग कराह रहे थे, कुछ महिलाए एवं बच्चों की चीख सुनते नहीं बन रही है । हादसे के बारे में सुनकर लोगों के रोंगटे खडे़ हो जाते हैं। हालात इतने गंभीर दिख रहे हैं  कि राहत कार्य सेना के हवाले करना पड़ा। इसके लिए सेना के जवान हेलीकाप्टर से मौके तक पहुंचाये गए। 

उपस्थित  लोगों का यात्रिओं से प्राप्त सूचना के अनुसार कहना था कि कालका एक्सप्रेस का प्वाइंट ठीक न मिलने के कारण इंजन पटरी से उतर गया। कहा यह भी जा रहा है कि इंजन का एक्सल टूटने के कारण चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया और भीषण हादसा हो गया। मौके पर मौजूद एक यात्री से स्वयं मेरी बात हुई तो उन्होंने  बताया कि बड़ी जल्दी जल्दी तीन झटके लगे और फिर अचानक क्या हुआ , कि उन्हें सोचने और संभालने तक का मौक़ा ना मिल सका। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घटना के दस-ग्यारह  घंटे बाद भी  घायलों व मृतकों को बोगियों से निकाला नहीं जा सका है। कुछ बोगियां तो एक-दूसरे में इस कदर घुस गयी हैं  कि उन्हें निकालना संभव नहीं हो पा रहा है। कालका मेल में दर्जनों यात्रियों ने राहत कार्य के दौरान लोगों के सामने दम तोड़ा।

हादसे के बाद सबसे पहले आसपास के गांव के सैकड़ों लोग दौड़कर मौके पर आए और पलट गए डिब्बों में फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। बताते हैं कि दुर्घटना का भीषण स्वरूप देख स्थानीय व रेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गये। इस पर सेना की मदद की पुकार करनी पडी। वायुसेना को मेडिकल व रेस्क्यू टीम (चिकित्सा व राहत दल) हेलीकाप्टरों से भेजनी पड़ी।  लगभग दो सौ से अधिक लोग लोग फतेहपुर के जिला अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा  कानपुर के हैलट, उर्सला, केपीएम अस्पतालों में भी मरीज भर्ती हुए हैं। कानपुर व फतेहपुर के नर्सिग होम्स में भी घायलों के इलाज की सूचना है। बताते हैं कि दुर्घटना में स्वीडन के  एक  नागरिक की भी मौत हो गयी है।

रेल हादसा……….आँखों देखी

(बड़ा कर देखने के लिए क्लिक करें)






कुछ तथ्य
  • आस-पास के ग्रामीण यदि मौके पर ना होते मृतक संख्या और भी बढ़ सकती थी
  • सरकारी सहायता हादसे के तीन  घंटे बाद ही सक्रिय हो सकी
  • मौके पर जुटाए गए गैस-क़टर आदि के काम नहीं कर पाने से जन -आक्रोश  बढ़ता ही जा रहा था । बहुत से लोग इसके बारे में न्यूज चैनल्स के संवाददाताओं से इसकी शिकायत करते देखे गए
  • एक बार फिर साबित हुआ कि फतेहपुर  जैसे शहरों में आपदा प्रबंधन के नाम पर तैयारी शून्य है
  •  लोगों के हुजूम में हरएक के मन में मलाल था कि लोग किसी की मदद नहीं कर पा रहे हैं
  • पुलिस  प्रशासन के लोगों से कई बार राहत-कार्य में लगे गाँव वालों से मुंहाचाही हुई
  •  अपने जोश और जिजीविषा के चलते कई फतेहपुरी लोग स्वयं  गैस कटर लेकर वहाँ पहुंचे थे
  • फतेहपुर  से लेकर बिन्दकी तक के लोग  वहाँ दुर्घटना स्थल पर बहुत अधिक मात्रा में पहुँच जाने से प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने में  ही हलाकान रहा
  •  सदर अस्पताल में लोग हर संभव मदद के लिए तैयार खड़े थे ….कुछ लोग तो आग्रह पूर्वक खून देने आदि की जरुरत पर  स्वयं तैयार दिख रहे थे

 हेल्पलाइन नंबर

रेलवे ने हादसे से संबंधित जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं जो इस प्रकार हैं: –

  • कानपुर सैंट्रल हेल्पलाइन: 0521 2323015, 0521 2323016 ,0521 2323018
  • फतेहपुर पुलिस : 9454403359
  • फतेहपुर डीजी : 9454402508
  • इलाहबाद हेल्पलाइन : 0532-2207353
  • चंडीगढ़ : 0172-2658924
  • कालका एक्सप्रेस : 01733-221109
  • अंबाला :0171-2631275
  • कोलकाता : 033-26413660
  • चुनार : 05443- 222137, 222487
  • मिर्जापुर : 05442- 222095. 220096, 220097

मृतक सूची

शाम 6:00 मिली हादसे में मरने वालों की सूची-

  1. दिलीप सिंह ————मीरपुर छावनी, कानपुर
  2. कल्लोदेवी पत्नी दिलीप सिंह————मीरपुर छावनी, कानपुर
  3. शबनम पत्नी शैराज————कोलकाता
  4. जावेद आलम पुत्र वली ——मकरीखोह कटरा, मिर्जापुर
  5. राजेश सिंह पुत्र निरंजन सिंह——मुरैना, मध्य प्रदेश
  6. सुफलचंद्र पुत्र बालचंद——हुबली कोलकाता
  7. एमएस करमाकर(गेल डीजीएम)——दिबियापुर, औरैया
  8. कमला करमाकर————दिबियापुर, औरैया
  9. अनूप कुमार——————धूमनगंज, इलाहाबाद
  10. लोतिका————————इकबालपुर, कोलकाता
  11. अंगन——————————(पता नहीं)
  12. समरजीत सिंह————————जयरामनगर फतेहपुर
  13.  

घायलों की सूची

जिला अस्पताल में भरती घायलों की सूची

  1. नाम——उम——निवासी
  2. सतीश——35—–बागपत, हरियाणा
  3. मंशारामचंद—28——बाकुड़ा, पश्चिम बंगाल
  4. पप्पू——-20——गया, बिहार
  5. इंदल कुमार——25——गया, बिहार
  6. आनंद——18——गया, बिहार
  7. शिवकुमार प्रधान ——54——सड़तिया, कोलकाता
  8. शहाबुद्दीन——22——अमरोहा, यूपी
  9. नीरज कुमार——16——चितरा केदलीखुर्द झारखंड
  10. भगवान प्रजापति——32——चितरा केदलीखुर्द झारखंड
  11. रजनीश प्रसाद गुप्त——32——गोरखपुर यूपी
  12. मोहन भोलासेख——54——मुस्तफी पश्चिम बंगाल
  13. राघवेंद्र शुक्ल——19——आमघाट मिर्जापुर यूपी
  14. डा.सुकुमार बागची——45——मिर्जापुर यूपी
  15. मृत्युंजय——14——मिर्जापुर यूपी
  16. राजेंद——25——गजोघाटोला गया बिहार
  17. अजीत सिंह——45——अटलपुर मेरठ यूपी
  18. मजीत——60——हयातनगर कालोनी मिर्जापुर यूपी
  19. मुकेश——39——झूसी इलाहाबाद यूपी
  20. रीना कुमारी——22——भगवानपुर बिहार चंडीगढ़
  21. खुशीकुमारी——8——भगवानपुर बिहार चंडीगढ़
  22. अरुशि कुमारी——5——भगवानपुर बिहार चंडीगढ़
  23. अस्मत अली——37——जुगराजपुर पश्चिम बंगाल
  24. सादिक अली खान——40——जुगराजपुर पश्चिम बंगाल
  25. मो. इरफान——35——समस्तीपुर बिहार
  26. शिवकुमार यादव——28——विलासपुर छत्तीसगढ़ आरपीएफ जवान
  27. एसकांती—— 55——180 ए मुखर्जी रोड कोलकाता
  28. शाहजहां बेगम——50——ताजपुर पतारा गाजीपुर यूपी
  29. अबजित मंडल——36——खड़गरामपुर पश्चिम बंगाल
  30. गुलाबगुल हक——23——जिगरागुल पश्चिम बंगाल
  31. नीवेश वैद्य——48——खजुरबेड़िया पश्चिम बंगाल
  32. अर्जुन सिंह——50——इलाहाबाद यूपी
  33. सुधीर वर्मा——42——152 शैलपुत्री अपार्टमेंट लक्ष्मीशकरपुर नई दिल्ली
  34. कौशेंद——36——वर्धमान कोलकाता
  35. आशमा खातून——45——काशीपुर श्यामबाजार छपरा बिहार
  36. मुकेश पांडेय——40——मिर्जापुर यूपी
  37. अमित बाल्मीकि——12——सिक्कावान मेरठ यूपी
  38. नरेंद्र प्रसाद शर्मा——32——64/200 गड़रिया मोहाल, कानपुर
  39. सुनैना वर्मा——40——नई दिल्ली
  40. सुप्रिया वर्मा ——15——नई दिल्ली
  41. सरजू भारती——22——केदलीखुर्द चतरा झारखंड
  42. जगतपाल——25——भरसोला थरियांव फतेहपुर यूपी
  43. सुभाष प्रजापित——32——सकरैल थाना के समीप कोलकाता
  44. राजेश कुमार गुर्जर——31—— बोन राजस्थान
  45. इंदर सिंह——31——टिकरिया राजस्थान
  46. इकबाल अंसारी——35——मुराइन टोला फतेहपुर यूपी
  47. रामजी ——22——सिकट्ठनपुर कानपुर यूपी
  48. संदीपन घोष ——33——कुडुन्ना हार पश्चिम बंगाल
  49. अर्जुन राम——50——आरा बिहार
  50. निजामुद्दीन——18—— कश्मीरी गेट फिरोजाबाद यूपी
  51. आमना बेगम——40 ——कश्मीरी गेट फिरोजाबाद यूपी
  52. मोहनी कलमाड़ी——42—— 115 एमजी रोड कोलकाता
  53. निशा कलमाड़ी——18 —— 115 एमजी रोड कोलकाता
  54. रानू घोष——50—— कैलाश नगर पुरानी दिल्ली
  55. मोहम्मद बैतुल्ला खान——61 कसपेपुर रोड कोलकाता
  56. जुगेश ——30——रांची झारखंड
  57. एमडी गुलजार ——36——दरभंगा बिहार
  58. बेबी ——28——रांची झारखंड
  59. पिंटू कुमार शाह——25——प्रेमनगर नई दिल्ली
  60. शशि ——24——जहानाबाद बिहार
  61. अनिरबन प्रधान——22——मेदनीपुर पश्चिम बंगाल
  62. धनंजय यादव——21——कठवारा गाजीपुर फतेहपुर यूपी
  63. अमित सिंह——35——शुकलहा मिर्जापुर यूपी
  64. राजेश महतो ——30—— बिटोल झारखंड
  65. गजमती देवी——28——बिटोल झारखंड
  66. ब्यूटी चौधरी ——65——कोल्लानी कोलकाता
  67. बीरेंद्र यादव ——40——छुमिलर नई दिल्ली
  68. अभिजित राज ——35——66/26 पीरोड कोलकाता
  69. सरोज कुमार ——24——धनगई औरंगाबाद बिहार
  70. विजय——37 —— मिसौढ़ हरियाणा
  71. मायादेवी——45——1844 मउली जागरा कांप्लेक्स चंडीगढ़
  72. प्रोटोस——30——नादिया पश्चिम बंगाल
  73. जीतेंद्र कुमार——23——आजाद नगर मुली धनबाद झारखंड
  74. संजीत पाल——38——हावड़ा कोलकाता
  75. अनीमिष पाल——32——हावड़ा कोलकाता
  76. सुमित मंडल——32——डल्लावीर भूमि पश्चिम बंगाल
  77. विश्वजीत मंडल——32——डल्लावीर भूमि पश्चिम बंगाल
  78. कार्तिक कुंड——40——डल्लावीर भूमि पश्चिम बंगाल
  79. मुन्निरा देवी——40——कानपूर पश्चिम बंगाल
  80. मानस डे——47——कानपूर पश्चिम बंगाल
  81. मीना हलधर——33——कानपूर पश्चिम बंगाल
  82. मोहसिन हलधर——40——चौबीस पूर पश्चिम बंगाल
  83. रुक्मणी देवी——15——चौबीस पूर पश्चिम बंगाल  

घटनाक्रम : मिनट दर मिनट

  1. 12:18 बजे दोपहर- मलवां स्टेशन पर जोरदार धमाके के साथ कालका मेल पलटी।
  2. 12:30- स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे, राहत कार्य शुरू किया।
  3. 1.00 बजे: एसपी व प्रभारी डीएम राहत टीम के साथ पहुंचे
  4. 2:30- पहली राहत गाड़ी कानपुर से आई, बचाव कार्य शुरू
  5. 3:30 – दूसरी राहत गाड़ी मौके पर पहुंची ।
  6. 3:32- सेना के जवान पहुंचे, राहत कार्य शुरू किया।
  7. 3:42- कमिश्नर व आईजी पहुंचे, राहत कार्य का जायजा लिया।
  8. शाम 4:33- आसमान में पहला हेलीकॉप्टर दिखाई दिया।
  9. शाम 4:38-वायुसेना के जवानों ने राहत कार्य शुरू किया।
  10. शाम 5:00- प्रमुख सचिव अनूप मिश्र, पंचायतीराज मंत्री स्वामीप्रसाद मौर्य पहुंचे।
  11. शाम 5:10 – केंद्रीय कोयला मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल घटनास्थल पर पहुंचे, राहतराशि की घोषणा।
  12. 5.30 बजे: यात्रियों को लेने कानपुर से आयी ट्रेन
  13. 6.00 बजे: इंजन से लगे एसएलआर बोगी में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने बुझायी
  14. 7.00 बजे: राहत कार्य जारी रखने के लिए रोशनी की वैकल्पिक व्यवस्था
  15. रात 10:00- रेलवे की क्रेन ने पहली बोगी को घटनास्थल से हटाया।

साभार : स्थानीय विभिन्न मीडिया ब्यूरो , दैनिक जागरण , अमर उजाला  , हिन्दुस्तान आदि |

    >फतेहपुर :केंद्र सरकार की दमनात्मक नीति के खिलाफ जागा आक्रोश

    >

    काले धन को लेकर आंदोलनरत बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर किए गए पुलिसिया प्रहार के खिलाफ पूरे जनपद में आक्रोश की लहर दौड़ी। पूरे दिन जिला मुख्यालय सहित तहसील मुख्यालयों में कें द्र सरकार के खिलाफ लोंगों का गुस्सा भड़का हुआ दिखा।
    खून जुल्मों के फसाने को बदल देता है एक इंसान जमाने को बदल देता है
    … और ऐसे ही बदलाव की बयार बहा रहे बाबा रामदेव के खिलाफ शनिवार की रात की गई केंद्र सरकार की पुलिसिया कार्रवाई को लेकर भड़के लोग सड़कों पर उतर आए। लगातार बाबा के खिलाफ विषवमन कर रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और कपिल सिब्बल के विरुद्ध आम आदमी और सियासी दलों का आक्रोश फूटा और सुबह रेलवे स्टेशन में उनका पुतला बना कर उसका अग्निदाह किया गया।
    इसी तरह चौक चौराहे पर बजरंगियों दिग्विजय सिंह का पुतला आग के हवाले किया। और दोनो ही स्थानों पर इनके साथ्रा आम लोग भी खड़े दिखाई दिए। इसी क्रम में पटेल नगर चौराहे पर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने केंद्र के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार करते हुए धरना प्रदर्शन किया। शाम तक लोगों के मन लावे की दहक रहे थे। लिहाजा शाम को सियासी दलों व शिक्षकों तथा अन्य लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर पटेल नगर चौराहे से पैदल मार्च निकाला। इसमें बड़े बड़ों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। भारत माता की जय, नहीं चलेगा भ्रष्टाचार, बंद करो अब यह व्यापार, जै हिंद, वंदे मातरम के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। इतना ही नहीं शाम को भाजपाइयों ने नहर कालोनी में धरना देकर बाबा और अनशन कर रहे लोगों पर की पुलिस की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की।
    बुद्धि शुद्धि के लिए यज्
    पटेल नगर स्थित हनुमान मंदिर में भारत स्वाभिमान ट्रस्ट तथा पतंजलि योग पीठ के तत्वावधान में केंद्र सरकार कह बुद्धि की शुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। इस दौरान नगर के लोगों ने इसमें भारी संख्या में भाग लिया। यज्ञ के बाद लोगों ने शांति पूर्ण तरीके से किए जा रहे सत्याग्रह के खिलाफ कार्यवाई किए जाने पर केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। इसमें मुख्य रूप से बीपी तिवारी, अजय रस्तोगी, कमलेश कुमार, नीरजा सिंह, शशि भूषण तिवारी, आनंद विक्रम सिंह, पंकज पांडेय, सुरेंद्र गिरि आदि रहे।
    24 घंटे का सत्याग्रह
    बाबा रामदेव के सत्याग्रह के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरुद्ध एक और सत्याग्रह होने जा रहा है। आक्र ोशित भाजपाइयों ने कहा कि वह नहर कालोनी में 24 घंटे का धरना देंगे। रविवार की शाम से पार्टी के लोग धरने पर बैठ चुके थे। इसमें पार्टी के जिला ध्यक्ष प्रभुदत्त दीक्षित, पूर्व विधायक रक्षपाल, मनोज शुक्ल, अरविंद बाजपेई, दिनेश बाजपेई, नीलिमा चौहान, कुलदीप भदौरिया आदि पार्टीजन बैठे।
    जलियावालां बाग की यादें हुईं ताजा

    रविवार को नगर में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें स्वामी रामदेव के भ्रष्टाचार के विरोध में शुरू किए गए आंदोलन की कड़े शब्दों में निंदा की गई। वक्ताओं ने इस कृत्य को संविधान विरोधी और तानाशाही करार देते हुए कहा कि रामलीला में मैदान में पुलिसिया तांडव से जलियावालां बाग की यादें ताजा हो गई हैं।
    बुदवन इंटर कालेज प्रधानाचार्य डाक्टर मोरार जी त्रिपाठी की अगुवाई में हुई बैठक में शिक्षक, साहित्यकार के अलावा भारी संख्या में प्रबुद्धजन मौजूद रहे। बैठक में एक स्वर से दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में अनशन भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन कर रहे स्वामी रामदेव और उनके अनुयायियों पर पुलिस ने बर्बता पूर्वक कार्यवाही करते हुए पूरे आंदोलन का दमन कर दिया। मोरार जी त्रिपाठी ने कहा कि जिस प्रकार भजन कीर्तन कर रहे अनशनकारियों पर पुलिस ने सोते समय लाठियां भांजी है उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होने कहा कि सरकार को यह कृत्य मंहगा पड़ेगा। बाबा के समर्थन में हजारों लोग बलिदान के लिए तैयार है। यदि सरकार ने दमन करने का दुस्साहस किया तो हर गांव, कस्बा और शहर को रामलीला मैदान बनते देर नहीं लगेगी। दमन की इस कार्यवाही ने जलियावालां बाग में अंग्रेजों द्वारा क्रांतिकारियों पर किए गए गोलीकांड की यादें ताजा कर दी है। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया और सरकार को देश से इस घटना के लिए माफी मांगने की मांग की। प्रधानाचार्य किशुनपुर इंटर कालेज, प्रधानाचार्य पौली इंटर कालेज, प्रधानाचार्य बुदवन इंटर कालेज सहित अन्य लोग बैठक में मौजूद रहे।
    सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे बाबा के समर्थक
    भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे स्वामी रामदेव और उनके सर्मथकों पर पुलिस द्वारा आंदोलन को कुचलने के लिए जिस प्रकार अत्याचार किया गया उससे आम-जनमानस आहत हुआ है। लोग अपनी संवेदानाओं को रोक नहीं पा रहें है और हर शख्स की आंखों में रोष और आक्रोश है। लोगों का मानना है कि इस घटना के दूरगामी परिणाम सरकार के लिए घातक साबित हो सकते है जिसका असर समाज पर भी पड़ेगा। आमजनमानस का मानना है कि भ्रष्टचार के खिलाफ आंदोलन की यह आंधी यही रुकने वाली नहीं है। रामलीला मैदान की घटना के बाद जो मोड़ आएगा उसमें बड़े-बड़े दिग्गजों का उखड़ना तय है। विनोद गुप्ता और सत्यभगवान ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि बाबा के समर्थक सरकार की ईंट से ईंट बजा देगें।
    दिनेश सोनी, अजय रस्तोगी ने कहा कि बाबा के आंदोलन को कुचलने वाले भ्रष्टाचारी ही हो सकते है। पप्पन रस्तोगी और अतुल ने कहा कि बाबा के साथ पूरा देश खड़ा है। इस मुहिम को मुकाम तक पहुंचाने के लिए जो भी कुर्बानी देनी पड़े पीछे नहीं हटा जाएगा। मनीष दीक्षित ने भी आंदोलन के दमन हेतु सरकार द्वारा की गई कार्यवाही की निंदा की गई।
    अमर उजाला
    अमर उजाला
    पटेल नगर चौराहे पर धरना देते विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता। इंसेट में धरने पर बैठे भाजपाई।
    अमर उजाला
    रेलवे स्टेशन में कपिल सिब्बल का पुतला फूंकते भाजपाई।

    (समाचार साभार- अमर उजाला , फतेहपुर )

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    >गुलामी सबसे अधिक भयावह तब होती है, जब वह स्वभाव बन जाती है।

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    गुलामी सबसे अधिक भयावह तब होती है, जब वह स्वभाव बन जाती है। स्त्रियों के अंदर पराधीनता का बोध ही नहीं है, इसलिए स्त्री विमर्श का पहला काम है पराधीनता का बोध करना और दूसरा काम पराधीनता के कारणों का बोध कराना है। यह हो जाए तो पराधीनता के कारणों की खोज करना। इसके बाद इन्हें दूर करने का प्रयास करना। यह बात रविवार को फतेहपुर शहर में स्थित महात्मागांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित ‘समकालीन साहित्य एवं स्त्री विमर्श विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी’ में जेएनयू, नई दिल्ली के भारतीय भाषा केंद्र के प्रोफेसर व अध्यक्ष डा.मैनेजर पांडेय ने नारी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कही।




    स्त्रियों की दशा पहले भी वही थी जो आज है बस प्रताड़ना का रूप भर बदल गया है। स्त्री के कष्ट को कमरों में बैठ कर या उच्च वर्ग की महिलाओं को देखकर नहीं समझा जा सकता है उसे समझना है तो गाँव , गली की नारी से या मेहनत मजदूरी करने वाली औरत से अथवा सम्मान या अधिकार के लिए संघर्ष कर जी रही महिला से मिलना हौगा। स्त्री की गुलामी खतम हो इसके लिए उसकी सोच में बदलाव हो और सोच में बदलाव के लिए जरूरी है कि नारी शिक्षित हो।


    महात्मा गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी विभाग द्वारा समकालीन साहित्य और स्त्री विमर्श विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के पहले दिन वक्ताओं ने उक्त विचार रखे। राष्ट्रीय संगोष्ठी का उदघाटन वरिष्ठ हिंदी आलोचना के स्तंभ जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली में भारतीय भाषा केन्द्र के प्रोफेसर व अध्यक्ष डा. मैनेजर पांडेय व कालेज के प्राचार्य डा. अवधेश कुमार सिंह ने किया। माँ सरस्वती, महात्मा गांधी और महादेवी वर्मा के चित्रों पर माल्यार्पण कर संगोष्ठी की शुरूआत की गयी ।



    विशिष्ट अतिथि डा. भीम राव आंबेडकर महाविद्यालय में हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. बालकृष्ण पांडेय ने स्त्री विमर्श के संबंध में कुछ प्रश्न और कुछ चिंताएं सदन के सामने रखे। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर के हिंदी विभाग अध्यक्ष डा.क्षमा शंकर पांडेय ने स्त्री विमर्श के महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित किया। संगोष्ठी का दूसरा सत्र अपरान्ह दो बजे से शुरू हुआ। बौद्धिक विमर्श के इस सत्र की अध्यक्षता आलोचक डा.ओम प्रकाश अवस्थी ने की। संयोजक प्रोफेसर अनूप शुक्ल ने संगोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता करते हुए कालेज के प्राचार्य डा.अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि स्त्रियों की दुर्दशा का अंदाजा अभिजात्य परिवारों की महिलाओं अथवा संचार माध्यमों की नारी छवि से नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए दूरस्थ अंचलों की ग्रामीण और श्रमिक महिलाओं के बीच जाना पड़ेगा।


    सलौन डिग्री कालेज रायबरेली के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डा. सीबी सिंह, कान्यकुब्ज कालेज लखनऊ के हिंदी विभाग के प्रोफेसर डा. अनिल त्रिपाठी, वीएसएसडी कालेज कानपुर के प्रोफेसर डा. आनंद शुक्ल और यहीं के वरिष्ठ प्राध्यापक डा. रंजन श्रीवास्तव ने अपने विचार रखे। राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश प्रदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थाओं के शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी, साहित्यकार और सांस्कृतिक कर्मी मौजूद रहे।

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    >फतेहपुर को स्पो‌र्ट्स कॉलेज का तोहफा

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    अब वह दिन दूर नहीं जब उभरती खेलकूद प्रतिभाओं को हुनर के पंख लगाकर आसमान की ऊंचाइयां छूने का मौका मिलेगा। जिले में एक अरब से स्पो‌र्ट्स कॉलेज बनकर तैयार होगा, जिसमें न सिर्फ फतेहपुर बल्कि अन्य जिलों के होनहार खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। कुछ भी हो, जिले में बनकर तैयार होने के बाद स्पो‌र्ट्स कालेज फतेहपुर की शान बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।
    खेलकूद विभाग के मुताबिक, स्पो‌र्ट्स कॉलेज निर्माण के लिए तेलियानी विकासखंड के गांव नेवलापुर में करीब 60 एकड़ की जमीन चयनित कर ली गई है। कॉलेज का निर्माण करनेवाली कार्यदायी संस्था सीएनडीएस ने भूमि पर मृदा परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया है। 1 अरब बजट के सापेक्ष शासन ने कार्यदाई संस्था के पीएलए खाते में 5 करोड़ की पहली किस्त भी स्थानांतरित कर दी है। छात्रावास, हॉस्पिटल, लाइब्रेरी के साथ बननेवाले भव्य स्पो‌र्ट्स कॉलेज में खिलाड़ियों को सपने साकार करने का मौका मिलेगा। 
    स्पोर्ट  कालेज  में 500 खिलाडि़यों की आवासीय क्षमता वाले छात्रावास के साथ अस्पताल व फिजियोथिरेपी सेंटर की भी सुविधा होगी। कालेजों में 11 क्रिकेट पिच, सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल मैदान, चार सिंथेटिक टेनिस कोर्ट तथा शूटिंग रेंज का भी निर्माण होगा। कहना होगा कि जिले को स्पो‌र्ट्स कॉलेज का तोहफा दिलाने का जो कार्य किया , वह बेहद सराहनीय है। खेल निदेशालय से कोच और पर्याप्त संसाधन मिलेंगे, जिससे खिलाड़ी प्रदेश व देश में अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।  स्पो‌र्ट्स कॉलेज खुलने से खिलाड़ी ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स एशियाड एवं व‌र्ल्ड कप के लिए सही प्रशिक्षण के साथ मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। बताते हैं  कि टेस्टिंग के बाद स्पो‌र्ट्स कॉलेज निर्माण का कार्य तेजी शुरू हो जाएगा।

    >फतेहपुर महोत्सव का काउंट डाउन शुरू हौ गया है……..कवि सम्मलेन और मुशायरे के लिए न्योते गए शायरों के नाम फाइनल

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    फतेहपुर महौत्सव का काउंट डाउन शुरू हो  गया है। २८ जनवरी से शुरू होने  वाले फतेहपुर महोत्सव  में पांच हजार कुर्सियां दर्शकों  के लिए लगेंगी। मुख्य मैदान में प्रवेश के लिए तीन अलग-अलग द्वार खुलेंगे। वीआईपी प्रवेश आईटीआई के सबसे अंतिम सीसी मार्ग से हौगा जबकि आम लोगों  को  प्रवेश के लिए मध्य द्वार रहेगा। आईटीआई के प्रथम द्वार से भी लोगों  को  प्रवेश मिलेगा जिससे सीधे स्टाल की ओर लोग  जा सकेंगे।

    प्रमोद तिवारी
    मुन्नवर राणा
    इधर पता चला है कि ‘फतेहपुर महोत्सव’ में आयोजित होने वाले कवि सम्मलेन के आयोजन के लिए न्योते जाने वाले कवियों के नाम फाइनल हो गये। 30 जनवरी को आईटीआई परिसर में देश के जाने माने कवियों का संगम होगा। महफिल को खास बनाने के लिए कवियों को आमन्त्रण भेजा जा चुका है। 30 जनवरी को महोत्सव में हास्य व्यंग्य व सांस्कृतिक रंगों के बीच कवियों का भी संगम होगा।
    आने वाले कवियों में कोलकाता से मुनव्वर राणा, राजस्थान से अनामिका अंबर, सबीना अदीब, संदीप शर्मा, राजेन्द्र पंडित, अशोक साहिल, कमलेश शर्मा, सहारनपुर के नवाज देव बंदी, वाराणसी से अनिल चौबे, अशोक पंडित तथा कानपु के प्रमोद तिवारी आदि भी  हैं। कवि सम्मलेन के मंच पर संचालन का भार संभालेंगे इमरान प्रतापगढ़ी।
    इधर शनिवार की सुबह से मैदान में बल्लियां गाड़ने  का काम भी शुरू हो  गया है। सफाई कर्मियौं की पूरी फ़ौज  मैदान में उतारी गई है। मुख्य मैदान में उगी हुई घास हटाई जा रही है तो  आईटीआई के मुख्य भवन के सामने की झाड़-झंखाड़ साफ करने के बाद अब उसमें मिट्टी और ईंटों  का मलबा डालकर मैदान बराबर करने का काम शुरू है। मलबा एवं कूड़ा-कचरा मैदान में बराबर करने के बाद पानी के छिड़काव सहित रौलर चलाया जा रहा है। स्टाल लगने के लिए टीन एवं बल्लियां भी आने लगी हैं । महोत्सव  में आने वाले लोगों  के वाहनों  का स्टैंड राजकीय बालिका इंटर कालेज में बनाया गया है। 

    >फतेहपुर महोत्सव का रंगा रंग उद्घाटन होगा| भव्यता प्रदान करने के लिए तैयारी शबाब पर

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    मालिनी अवस्थी
    फतेहपुर महोत्सव को भव्यता प्रदान करने के लिए तैयारी पूरी शबाब पर है। मालिनी अवस्थी का बृज होली नृत्य के साथ फतेहपुर महोत्सव का रंगा रंग उद्घाटन होगा। चार दिन चलने वाले समारोह में जाने माने स्टारों का संगम होगा। प्रखर का जादू तो राजू की ठिठोली के साथ अंकिता मिश्रा की सुरमयी संगीत की धुन सुनने को मिलेगी। महोत्सव में खेलकूद के साथ अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन भी दिन में होगा।फतेहपुर महोत्सव में भव्य स्टॉल देखने को मिलेंगे। महोत्सव में आने वालों को स्थानीय स्टालों के साथ कई बाहर के स्टालों का आनंद उठाने का मौका मिलेगा। बुकिंग के आधार पर मिल रही प्राथमिकता में अब तक करीब सत्तर स्टॉल अपना नाम सूची में दर्ज करा चुके हैं। मेले में रंगारंग कार्यक्रमों के बीच आने वाले दर्शकों के लिए खाने पीने, मनोरंजन, खरीदारी के लिए स्टाल भी लगाये जा रहे हैं। यहां स्थानीय के साथ कुछ बाहरी स्टाल भी देखने को मिलेंगे।

    फतेहपुर महोत्सव का उद्घाटन 28 जनवरी को होगा। 28 जनवरी को दिन में स्कूली बच्चों द्वारा गीत व नृत्य के कार्यक्रम होंगे, स्पोर्ट स्टेडियम में सुबह 10 से खेलकूद प्रतियोगिता होगी। इसी दिन आइटीआई  ग्राउन्ड में दोपहर को स्थानीय कलाकारों द्वारा नृत्य नाटक प्रस्तुत किये जाएंगे। रात्रि 6 से 8 बृज की होली नृत्य 8 से 11 तक मालिनी अवस्थी द्वारा लोक गीतों का कार्यक्रम होगा। 
    मनोज तिवारी
    29 जनवरी को दिन में स्कूल, कालेज के बच्चों द्वारा गीत एवं नृत्य, दोपहर 1 से 3 बेबी शो (2 वर्ष तक के बच्चो), फैन्सी ड्रेस शो (2 से 10 साल तक), सलाद सज्जा, दुल्हन सजाओ प्रतियोगिता होगी। अपराह्न 3 से 66 से 8 तक राजस्थानी लोक नृत्य कालबेलिया प्रस्तुत होगा। रात्रि 8 से 11 तक भोजपुरी गायक मनोज तिवारी का कार्यक्रम होगा।  बजे तक स्थानीय कलाकारों द्वारा गीत नृत्य आयोजित होंगे। शाम
    30 जनवरी को दिन में 10.30 से 1.30 बजे तक स्कूली बच्चों की रंगारंग प्रस्तुति के बाद अपराह्न 1 से 3बजे तक रंगोली, पुष्प सज्जा तथा मेंहदी प्रतियोगिता होगी। अपराह्न 3 से 6 बजे तक स्थानीय कलाकारों का कार्यक्रम प्रस्तुत होगा। शाम 6 से 8 बजे तक इंडियन आइडल कलाकार अंकिता मिश्रा की संगीतमयी प्रस्तुति होगी। रात्रि 8 से 11 बजे के बीच जादू के बाल कलाकार प्रखर गुप्ता के मैजिक शो के बाद अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा। 
    अंकिता मिश्रा
    31 जनवरी को पूर्वाह्न 10.30 से 1.30 बजे तक स्कूली बच्चों के कार्यक्रम व 1.30 से तीन बजे तक हस्तकला, मिस व मिसेज फतेहपुर (18 वर्ष से अधिक), तथा फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित होगी। अपराह्न 3 से 6 बजे तक स्थानीय कलाकारों द्वारा गीत व नृत्य के कार्यक्रम होंगे। शाम 6 से 8 बजे तक पुरस्कार वितरण समारोह होगा। रात्रि 8 से 11 बजे तक हास्य हंगाम राजू श्रीवास्तव के कार्यक्रम के बाद सतरंगी आतिशबाजी के बीच समापन समारोह होगा।


    रात 8 के बाद के कार्यक्रम


    • 28 को मालिनी अवस्थी के बृज होली नृत्य से होगा आगाज
    • 29 को भोजपुरी गायक मनोज तिवारी के गीतों से सजेगी महफिल
    • 30 को अंकिता मिश्रा, जादूगर प्रखर गुप्ता का कार्यक्रम व कवि सम्मेलन
    • 31 को हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव के कार्यक्रम के साथ समापन

    फतेहपुर महोत्सव
    फतेहपुर महोत्सव में कला संस्कृति के बीच साहित्य व विज्ञान का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।महोत्सव में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ-साथ जानकारीपरक प्रोग्राम भी प्रस्तुत होंगे। पुस्तक मेला में साहित्य के प्रति बच्चों एवं जनमानस की रुचि के अनुसार नेशनल बुक ट्रस्ट, चिल्ड्रेन बुक ट्रस्ट नई दिल्ली, विज्ञान प्रसार सूचना एवं प्रकाशन विभाग गीता प्रेस आदि की पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। इंद्र धनुष विज्ञान मेला में सोसाइटी फॉर इनवॉयन्र्मेट अवेयरनेस रिसर्च एंड हेरिटेज के माध्यम से प्रदर्शनी में वाद विवाद, निबंध, चित्रकला, कार्यशाला, समाचार लेखन आदि प्रतियोगिता होगी। इसके अलावा चमत्कारों के पीछे विज्ञान, कबाड़ से जुगाड़, कठपुतली, बिना मिंट्टी के पौधे उगाना, आकाश दर्शन, चित्रकला प्रतियोगिता होगी।

    महोत्सव में जहां बड़े मंच के कलाकार अपना जलवा दिखायेंगे तो उसमें नन्हें कलाकार भी पीछे नहीं रहेंगे। उन्हें टक्कर देने व अपनी प्रतिभा की झलक दिखाने को उतावले इन कलाकारों ने कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिये आडीशन और ट्रायल के बाद ही अपने को यहाँ प्रस्तुत कर सकने का मौक़ा मिला है । मुझे लगता है कि महोत्सव में चार चांद लगाने में स्थानीय कलाकारों का एक बड़ा योगदान रहेगा। आडीशन और ट्रायल के  दौरान छोटे बच्चों की  प्रतिभा ने दिखा दिया कि हम भी महोत्सव में किसी बड़े कलाकार से कम नहीं होंगे। ट्रायल के दौरान कहीं से भी नहीं लगा कि यह मात्र कलाकारों का प्रदर्शन आंका जा रहा है बल्कि उनके जोश को देखकर यह वास्तविक कार्यक्रम नजर आया।
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