राजनैतिक पार्टियों ने बनाया फतेहपुर शहर को कार्टून

एक ओर जहां नगर पालिका परिषद शहर के चौक चौराहों का रंग रोगन करके नगर को चमकाना चाहती है वहीं विभिन्न राजनैतिक पार्टियों और व्यापार का विज्ञापन करने के लिये लगायी गयी झंडी पतंगियो बैनर पोस्टर शहर को कार्टून बनाये हुये है। चौराहों में व्याप्त अतिक्रमण हटाने में पालिका भी असहाय सा दिख रहा है। ज्ञात हो कि पिछले दिनों नगर पालिका ने युद्ध स्तर पर पत्थरकटा, पटेलनगर, शादीपुर, आवंती बाई, गणेश शंकर विद्यार्थी, लालबहादुर शास्त्री, महराजा अग्रसेन आदि चौराहों का रंग रोगन मरम्मत कराकर बिल्कुल चकाचक करवाया था।

सुंदरीकरण के बाद भाजपा, सपा अन्य पार्टियों के नेताओं ने आगामी लोक सभा चुनाव के मद्देनजर चौराहों में पोस्टर और बैनर लगवा दिये। जिससे पालिका की पूरी मेहनत पर पानी फिर गया। नगर पालिका अध्यक्ष अजय अवस्थी ने बताया कि शहर को साफ सुथरा रखना पालिका का पहला दायित्व है। इसके बाद अगर कोई भी शहर में अतिक्रमण या गंदगी फैलाता है तो वह उसकी गंदी मानसिकता का परिचय है। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद किसी की सोच नहीं हुई कि महापुरूषों की मूर्तियों को रंग रोगन और साफ सफाई कराई जाये। उन्होंने बताया कि एडीएम नोटिस भेजी है और भी कार्रवाई करायेंगे। इसकी रिकवरी भी ली जायेगी।

नगर पालिका परिषद ने अवैध रूप से लगी होर्डिंगों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। अभियान के तहत विभिन्न राजनैतिक दल, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सड़कों और चौराहों पर लगी छोटी बड़ी सभी होर्डिगें, बैनर और पोस्टर हटाने के साथ संबंधित व्यक्ति को नोटिस देकर जुर्माना वसूल किया जाना है। उधर, अधिशासी अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र में किसी भी तरह की प्रचार सामग्री लगना अवैध है। इसके लिए परिषद ने शुल्क निर्धारित कर रखा है जिसकी अदायगी के बाद ही यह सुविधा दी जा सकती है।

मालूम हो कि नगर पालिका परिषद ने शहर के सभी सार्वजनिक स्थलों और सड़कों के किनारे लगे बिजली को खंभों पर किसी तरह के बोर्ड या होर्डिंग लगाने पर रोक लगा रखी है। यह सुविधा हासिल करने के लिए संबंधित व्यक्ति या संस्था को परिषद को निर्धारित शुल्क की अदायगी करने का प्रावधान है। खास बात तो यह है कि दो साल से लागू इस व्यवस्था को सही रूप से क्रियान्वयन अभी तक नगर पालिका परिषद नहीं करा पाई है। इस दौरान सिर्फ एक शिक्षण संस्था ने ही एक होर्डिंग लगाने के लिए निर्धारित शुल्क अदा किया है।

पालिका की इस व्यवस्था के बावजूद शहर के सभी छोटे बड़े सार्वजनिक स्थल और सड़कों के किनारे लगे विद्युत पोलों में शायद कोई ऐसा हो, जो प्रचार सामग्री से अछूता हो। लोकसभा चुनाव निकट होने के कारण विभिन्न दलों के संभावित उम्मीदवारों की होर्डिंगों से तो शहर पटा पड़ा है। इसके बावजूद एक भी दलीय नेता ने नगर पालिका परिषद को निर्धारित शुल्क अदा नहीं किया है। ऐसी हालत में ईओ ने अवैध रूप से लगी प्रचार सामग्री के खिलाफ अभियान शुरू करा दिया है। दो दिन से चल रहे अभियान में हालांकि भेदभाव पूर्ण रवैया अख्तियार किया गया है, क्योंकि नउवाबाग से होर्डिंग हटाने का काम शुरू किया गया है, लेकिन अब भी कई जगह होर्डिंग लगी हुई हैं।


राजनैतिक पार्टियों ने बनाया फतेहपुर शहर को कार्टून

एक ओर जहां नगर पालिका परिषद शहर के चौक चौराहों का रंग रोगन करके नगर को चमकाना चाहती है वहीं विभिन्न राजनैतिक पार्टियों और व्यापार का विज्ञापन करने के लिये लगायी गयी झंडी पतंगियो बैनर पोस्टर शहर को कार्टून बनाये हुये है। चौराहों में व्याप्त अतिक्रमण हटाने में पालिका भी असहाय सा दिख रहा है। ज्ञात हो कि पिछले दिनों नगर पालिका ने युद्ध स्तर पर पत्थरकटा, पटेलनगर, शादीपुर, आवंती बाई, गणेश शंकर विद्यार्थी, लालबहादुर शास्त्री, महराजा अग्रसेन आदि चौराहों का रंग रोगन मरम्मत कराकर बिल्कुल चकाचक करवाया था।

सुंदरीकरण के बाद भाजपा, सपा अन्य पार्टियों के नेताओं ने आगामी लोक सभा चुनाव के मद्देनजर चौराहों में पोस्टर और बैनर लगवा दिये। जिससे पालिका की पूरी मेहनत पर पानी फिर गया। नगर पालिका अध्यक्ष अजय अवस्थी ने बताया कि शहर को साफ सुथरा रखना पालिका का पहला दायित्व है। इसके बाद अगर कोई भी शहर में अतिक्रमण या गंदगी फैलाता है तो वह उसकी गंदी मानसिकता का परिचय है। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद किसी की सोच नहीं हुई कि महापुरूषों की मूर्तियों को रंग रोगन और साफ सफाई कराई जाये। उन्होंने बताया कि एडीएम नोटिस भेजी है और भी कार्रवाई करायेंगे। इसकी रिकवरी भी ली जायेगी।

नगर पालिका परिषद ने अवैध रूप से लगी होर्डिंगों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। अभियान के तहत विभिन्न राजनैतिक दल, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सड़कों और चौराहों पर लगी छोटी बड़ी सभी होर्डिगें, बैनर और पोस्टर हटाने के साथ संबंधित व्यक्ति को नोटिस देकर जुर्माना वसूल किया जाना है। उधर, अधिशासी अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र में किसी भी तरह की प्रचार सामग्री लगना अवैध है। इसके लिए परिषद ने शुल्क निर्धारित कर रखा है जिसकी अदायगी के बाद ही यह सुविधा दी जा सकती है।

मालूम हो कि नगर पालिका परिषद ने शहर के सभी सार्वजनिक स्थलों और सड़कों के किनारे लगे बिजली को खंभों पर किसी तरह के बोर्ड या होर्डिंग लगाने पर रोक लगा रखी है। यह सुविधा हासिल करने के लिए संबंधित व्यक्ति या संस्था को परिषद को निर्धारित शुल्क की अदायगी करने का प्रावधान है। खास बात तो यह है कि दो साल से लागू इस व्यवस्था को सही रूप से क्रियान्वयन अभी तक नगर पालिका परिषद नहीं करा पाई है। इस दौरान सिर्फ एक शिक्षण संस्था ने ही एक होर्डिंग लगाने के लिए निर्धारित शुल्क अदा किया है।

पालिका की इस व्यवस्था के बावजूद शहर के सभी छोटे बड़े सार्वजनिक स्थल और सड़कों के किनारे लगे विद्युत पोलों में शायद कोई ऐसा हो, जो प्रचार सामग्री से अछूता हो। लोकसभा चुनाव निकट होने के कारण विभिन्न दलों के संभावित उम्मीदवारों की होर्डिंगों से तो शहर पटा पड़ा है। इसके बावजूद एक भी दलीय नेता ने नगर पालिका परिषद को निर्धारित शुल्क अदा नहीं किया है। ऐसी हालत में ईओ ने अवैध रूप से लगी प्रचार सामग्री के खिलाफ अभियान शुरू करा दिया है। दो दिन से चल रहे अभियान में हालांकि भेदभाव पूर्ण रवैया अख्तियार किया गया है, क्योंकि नउवाबाग से होर्डिंग हटाने का काम शुरू किया गया है, लेकिन अब भी कई जगह होर्डिंग लगी हुई हैं।


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