नगर पालिका लोगों को गलन भरी ठंड से निजात दिला पाने में पूरी तरह से नकारा साबित

नगर पालिका इन दिनों गरीबों के हक में पूरी तरह डाका डालने में जुटी हुयी है। अलाव जलवाने के नाम पर कर्मचारी सिर्फ खानापूरी कर रहे है। लकडियाँ डलवाने में भी कंजूसी बरती जा रही है। सूत्रों की माने तो लकड़ियों का जमकर गोलमाल किया जा रहा है। अलाव प्रभावी के अनुसार सभी चौक चौराहों और प्रमुख स्थानों में अलाव जलवाये जा रहे है। अभी तक चार ट्रैक्टर में करीब साठ कुंतल लकड़ियां जलवायी जा चुकी है। बताया कि लकडियाँ डलवाने के दौरान जनता थोड़ा परेशान कर रही है।

सर्दीली हवाओं के डोलने से अच्छे अच्छे डोल गये है। लगातार गलन बढ़ने से आम जनजीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया है, जबकि नगर पालिका लोगों को गलन भरी ठंड से निजात दिला पाने में पूरी तरह से नकारा साबित हो रही है। पालिका का जगह जगह अलाव जलाने का दावा पूरी तरह खोखला निकला। हकीकत तो यह है कि पालिका कर्मियों ने दो चार स्थानों में लकड़ियां डालकर पल्ला झाड़ लिया है। जबकि अलाव जलवाने के लिये पालिका ने पचास स्थान चिन्हित किये थे।

सुबह शाम पड़ रहे भयंकर कोहरे और गलन भर्री सर्दी से जिंदगी ठहर सी गयी है। बस स्टैड और रेलवे स्टेशन में चाय पान की दुकानों में मुसाफिर हाथ सेंक ते नजर आ रहे है। कंपकपाती ठंड से सबसे ज्यादा गरीब बेहाल है। आरोप है कि पालिका कर्मी लकड़ियां डालवाने में सौतेला व्यवहार अपना रहे है।

ठंड के चलते कहां-कहां अलाव जलवाये जा रहे है, इसका निरीक्षण शनिवार को नगर पालिका चेयरमैन अजय अवस्थी ने शहर के प्रमुख स्थानों में जाकर किया। भ्रमण के दौरान चेयरमैन को कुछ स्थानों में लकड़ी न डलवाने की शिकायतें मिलीं। इस पर चेयरमैन ने सभी प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवाने का आश्वासन दिया।

फतेहपुर में सर्दी का प्रकोप शुरू

कोहरे के साथ शीत लहर का प्रकोप शुरू होते ही आम जनजीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया है। कड़ाके की ठंड के कारण गुरुवार को लोगों का हाल बेहाल रहा। कचहरी और तहसीलों में ठंडक से राहत पाने के लिए लोगों ने लकड़ी खरीद कर अलाव जलाने की व्यवस्था की। दिनभर धूप के दर्शन नहीं होने के कारण लोग ठिठुरते रहे। उधर, कड़ाके सदीü होने के बावजूद नगर पालिका परिषद ने अभी तक अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की।गुरुवार इस मौसम में अब तक का सबसे सर्दी वाला दिन रहा। सुबह से ही कड़ाके की ठंडक होने के कारण लोगों का हाल बेहाल रहा। सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति न के बराबर रही। जो आए भी उनकी कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। अधिकारी और कर्मचारी सर्दी से राहत पाने के लिए होटल, चाय की दुकानों पर भटि्ठयों को घेरे रहे। दफ्तर देर से खुले और जल्दी बंद हो गए।

कचहरी और तहसीलों में वादकारियों का टोटा रहा। जो आए भी पेशी की तारीख लेकर चलते बने। कचहरी और तहसीलों में तैनात सुरक्षा बलों का ठंडक से हाल बेहाल रहा। आस पास के टालों से लकड़ी लाकर अलाव जलाने की व्यवस्था की। अलाव सर्दी से राहत पाने के लिए लोग घेरे रहे। ऐसी स्थिति में रेलवे स्टेशन और बस स्टापों में यात्रियों का हाल बेहाल रहा। अगर शीतलहर का यही हाल रहा तो जनहानि होने का सिलसिला शुरू होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

उधर नगर पालिका परिषद के चेयरमैन अजय अवस्थी का कहना है कि शहर के प्रमुख 20 सार्वजनिक स्थलों पर अलाव पहले से ही जल रहे हैं। सभी में प्रतिदिन शाम के समय परिषद कर्मचारी लकड़ी डालते हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को सर्दी बढ़ने के कारण अलाव की संख्या बढ़ाने की जरूरत दिखाई पड़ी है। ऐसी स्थिति में जरूरत के हिसाब से अन्य स्थानों पर अलाव लगाने के भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अगले दिन तक शहर में जगह-जगह अलाव जलते दिखाई पड़ेंगे।

शीत लहर शुरू होते ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया है। दुकानों में दिनभर ग्राहकों का टोटा रहा। अधिक ठंडक के कारण दुकानें विलंब से खुलीं और शाम ढलते ही बंद होने का सिलसिला चालू हो गया। इस तरह से अन्य दिनों की अपेक्षा बाजार पहले ही बंद हो गए। चौक बाजार में दूकानदारों का कहना है कि गुरुवार का दिन अधिक सर्दीला होने के कारण व्यवसाय पर विपरीत असर पड़ा। गिने चुने लोग ही खरीदारी करने आए।

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