किशनपुर विधानसभा क्षेत्र को ही खागा विधानसभा क्षेत्र का नाम दे दिया गया

खागा नगर पंचायत व कानूनगो सर्किल के दो दर्जन गांवों को शामिल कर किशनपुर विधानसभा क्षेत्र को ही खागा विधानसभा क्षेत्र का नाम दे दिया गया है। सुरक्षित विधानसभा में सिंगरौर बिरादरी के मतदाताओं का दबदबा हो गया है। कुर्मी के साथ ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। जातीय समीकरणों में सुरक्षित सीट में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या तकरीबन चालीस फीसदी है। साठ फीसदी मतदाता पिछड़ी व सामान्य जाति के हैं।

नई सुरक्षित विधानसभा में सवर्ण मतदाता ही निर्णायक होगा। खासकर सिंगरौर बिरादरी के मतदाताओं की संख्या ग्यारह हजार से बढ़कर पचीस हजार हो गयी है। कुर्मी मतदाताओं के साथ ब्राह्मण मतदाताओं का भी कद बढ़ गया है। यह मतदाता काफी हद तक जीत-हार की बयार में निर्णायक की भूमिका में आ सकते हैं। परिसीमन में विस क्षेत्र का क्षेत्रफल बढ़ने के साथ मतदाताओं में भी चौदह हजार का इजाफा हो गया है।

विधानसभा क्षेत्र में विजयीपुर कानूनगो सर्किल के मड़ौली, रायपुर भसरौल, गुरवल, बिकौरा, जगदीशपुर, पहाड़पुर, मनीपुर, सेमरिया, गढ़ीवा, मझिगवां, इटौलीपुर, अंजना भैरव, बेंउटी, सोनेमऊ, रानीपुर बहेरा, बरहची, अब्दुल्लानगर सिठियानी, संग्रामपुर, विजयीपुर, अमनी, जिहरवा, खासमऊ, टेसाही बुजुर्ग, सिलमी गढ़वा, टेसाही खुर्द, कूरा, चक टेनी, सुजानीपुर, इस्कुरी, बाम्हनपुर, भोगलपुर, उमरा, शाहजहांपुर, सेलरहा, जगतपुर टेनी, मझटेनी, नरौली, बेरी, लौकियापुर, टिकरी, खखरेरू कानूनगो सर्किल के सलवन, लोहारपुर, एकडला, अहमदगंज तिहार, शिवपुरी, रारी, गाजीपुर, सरौली, गोदौरा, बदनमऊ, धौरहा, खखरेरू, दरियामऊ, रक्षपालपुर, गुरगौला, जयरामपुर, रामपुर, कुल्ली, चचीड़ा, सोथरापुर, कठरियापुर, तकीपुर, गढ़ा, कछरा को शामिल किया गया है।

इसी प्रकार मंझनपुर कानूनगो सर्किल के अंजनाकबीर, हरदासपुर, किशनपुर चिरई, केशवरायपुर, केवटमई, पौली, गढ़वा, गुरसंडी, पाही, पुरमई, हरचन्द्रपुर, सखनपुर, निदौरा, सिहारी पट्टी, बिरसिंहपुर, रोहेल्लापुर, राईपुर, उकाथू, जहांगीर नगर, खैरेई, गनही, मंझनपुर, भदौंहा, अंदमऊ, बरइचा, सैदपुर, पंचमई, सेमरहटा, गोविंदपुर, शाहपुर, देवरार, तेंदुवा, उमरा, मुबारकपुर गेरिया, आलमपुर गेरिया, बिछियावां गांव को शामिल किया गया है। धाता कानूनगो सर्किल के कारीकान, भेदपुर, पल्लावा, सोनारी, भुरचुनी, नरसिंहपुर कबरहा, अहमदपुर कुसुंभा, बम्हरौली, टेकारी, गनपतपुर, कल्यानपुर कचरौली, सरसौली, मदियापुर, कबरा, रतनपुर, बरयेपुर, बछरौली, गलेहरा, किशनपुर, सेमरी, बेलावां, गोपालपुर, अढ़ौली, उरई, सैदपुर, ऐरई, रानीपुर, घरवासीपुर, अढ़इया, बैरी, नसीरपुर, कोट, सलेमपुर, परवेजपुर शामिल किये गये हैं। खागा कानूनगो सर्किल के कटोंघन, हरदों, काही, पुरइन, अमांव, चितौली, मांझखोर, शिकारपुर, सलेमपुर गोली, भादर, टिकरी, ब्रन्दवन, सुजरही, मझिलगांव, छीमी, बहादुरपुर के साथ नगर पंचायत खागा व किशनपुर को शामिल किया गया है।

फतेहपुर:नये मुखौटे में सत्तर हजार से अधिक अपने मतदाता पराये

भूगोल के नजरिये से बदली फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरणों में भी भारी बदलाव आ गया है। ब्राम्हण, मुस्लिम के साथ लोधी मतदाता बराबरी पर आकर चुनावी समीकरण में जहां अहम बन गये हैं वहीं क्षेत्रफल बढ़ने के साथ ही उनतीस हजार मतदाता कम हो गये हैं। मतदाताओं की पूंजी में अव्वल रहने वाला विस क्षेत्र दूसरे नंबर पर खिसक गया है। परिसीमन से तैयार हुए नये मुखौटे में सत्तर हजार से अधिक अपने मतदाता पराये हो गये हैं जबकि एक लाख की संख्या में किशनपुर व हंसवा विधानसभा के मतदाता लोकसभा क्षेत्र की झोली में आ गये हैं।

2004 के लोकसभा चुनाव में फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में दो लाख सत्तानबे हजार मतदाता थे परिसीमन के बाद मतदाताओं की संख्या अट्ठाइस हजार सात सौ चौसठ कम हो गयी है। किशनपुर व हंसवा विधानसभा क्षेत्र के एक सैकड़ा गांव फतेहपुर की झोली में डाल दिये गये हैं ऐसे में एक लाख नये मतदाता दूसरों से मिल गये हैं जबकि अपने लगभग पचास हजार मतदाताओं से नाता ही टूट गया है। विस क्षेत्र के एक सैकड़ा से अधिक गांव बिंदकी व हुसेनगंज विधानसभा में शामिल हो गये हैं। विधानसभा क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा हुसेनगंज अलग हो गया है और शहर से पचीस किमी दूर बहुआ नगर पंचायत विस क्षेत्र का हिस्सा बना दिया गया है। भूगोल बदलने के साथ ही विस क्षेत्र के जातीय आंकड़ों का भी खेल बिगड़ गया है। मुस्लिम, ब्राम्हण के साथ लोधी मतदाता बराबरी पर आ गये हैं।

240 फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में रामपुर थरियांव, हंसवा, फतेहपुर कानूनगो सर्किल के साथ नगर पंचायत बहुआ व नगर पालिका फतेहपुर शामिल कर लिया गया है। रामपुर थरियांव के आंबी, चक सैय्यद हसन, बेंती सादात, माकूपुर, कठेरवा, सेमरा, आसिकपुर औरेइया, कासिमपुर, बीबीहाट, उमरपुर, आंबापुर, कौंडर, बरई बुजुर्ग, बरारी, सुल्तानपुर, मोहम्मदपुर नेवादा, गुलामीपुर बमरौली, लतीफपुर, हसनपुर, करियामऊ, इमादपुर, सखियांव, जैदपुर, सुदामापुर, पड़री, संग्रामपुर, चौफेरवा, हंसवा कानून गो सर्किल के इकारी, फैजुल्लापुर, औरेई, कुसुम्भी, चक कोर्रा सादात, मीसा, छिछनी, जमलामऊ, मुस्तफापुर, छीतमपुर, रसूलपुर भभैंचा, टीकर, गेंडुरी, धरमपुर सातों, टीसी, सहाबुद्दीनपुर, अतरहा, टेकसारी बुजुर्ग, मुसैदापुर, टेकसारी खुर्द, बहरामपुर, बिलन्दपुर, मीरपुर चक, रसूलाबाद, मिचकी, फरीदपुर, बरसरा, रिठवां, भैरवां, सातों जोगा, डुंडरा, महमदपुर, नंदलालपुर, दसौली, दुगरेई, खटौली, कोरारी, चक रसूलपुर, बनरसी, बरौंहा, कमलापुर, मेवली, हरसिंहपुर, चक आदमपुर, शाहीपुर, सनगांव, सातों पीत, सुल्तानपुर, हंसवा, जमालपुर, फरीदपुर, बकसपुर, चकनथनपुर, हासिमपुर भेदपुर शामिल हो गये हैं।

विधानसभा क्षेत्र के कांधी व हुसेनगंज कानूनगो सर्किल को विधानसभा क्षेत्र से अलग कर दिया गया है। इन दोनों कानूनगो सर्किल क्षेत्र में एक सैकड़ा से अधिक गांव व मजरे हैं। विस क्षेत्र से जुड़े गांव परिसीमन के बाद अलग हो जाने से स्थिति यही बन गयी है कि जो अपने थे वह अब पराये हो गये हैं। नये मतदाता जो अब मिले हैं उसमें राजनीतिक दलों के सामने विस्तारित क्षेत्रफल का संकट बढ़ गया है। आखिर क्षेत्रफल बढ़ा और मतदाता घटे की मुश्किलें भी कुछ कम नहीं हैं।
(
साभारजागरण समाचार )

फतेहपुर के एक और लाल रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’

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रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’



जन्म: 01 मई 1915

उपनाम अंचल
जन्म स्थान किशनपुर, फ़तेहपुर, उत्तर प्रदेश, भारत
कुछ प्रमुख

कृतियाँ
विविध
जीवनी <a href="http://hi.literature.wikia.com/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0_%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B2_%27%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%B2%27_/_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%AF&action=edit" title="रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’/ परिचय
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रामेश्वर शुक्लअंचल

जन्म: 01 मई 1915

उपनाम अंचल
जन्म स्थान किशनपुर, फ़तेहपुर, उत्तर प्रदेश, भारत
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Rameshwar Shukla Anchal, Rameshvar Shukl Anchal
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