हजरत शाह जमालुद्दीन औलिया रहमतुल्लाह अलैह का जन्म चार सौ वर्ष पूर्व कस्बा कोडा जहानाबाद के मोहल्ला मियां टोला में हुआ था । वह हिन्दुस्तान के बहुत बड़े आलिम थे । हजरत निजामुद्दीन औलिया , दिल्ली और शाह कबीरुल औलिया की तरह ही शाह जमालुद्दीन औलिया की मुस्लिम समाज में बड़ी मान्यता है ।
औरंगजेब के उस्ताद के उस्ताद मुल्ला जीवन और मुल्ला लुतफुल्ला दोनों इनके शागिर्द थे । बिहार प्रान्त के फुलवारी शरीफ के बुजुर्ग जावेद शानी के उस्ताद हजरत जमालुद्दीन औलिया के शिष्य थे । उन्होंने जरूरतमंदों को रूहानी ताकत के जरिये फैज पहुचाई ।
रमजान माह के उन्तीसवें रोजे को इनकी दरगाह में दो दिवसीय उर्स होता है । हर माह के नौचंदी जुमेरात को बड़ी अकीदत के साथ मजार में गुलपोशी व चादर चढाने लोग आते हैं । इस दरगाह में देश के कोने कोने से अकीदत मंद लोग बराबर आते रहते हैं । शाह जमालुद्दीन औलिया की औलादें आज भी आबाद हैं और वही लोग दरगाह की देखभाल करते हैं ।