सुबह होते ही दूसरे संप्रदाय के सैकड़ों लोग घटना के विरोध में सड़क पर उतर आए। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन विरोधी नारेबाजी करते हुए चौक, बाकरगंज, ज्वालागंज की सड़कों में घूमते हुए कोतवाली का घेराव किया। इस दौरान पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों के सामने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रहने की गुहार लगाते रहे लेकिन वह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने मांग पर अडे़ रहे। इस दौरान शहर में सनसनी फैली रही। बाद में पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरफ्तारी का भरोसा देकर मामला शांत कराया।
बुधवार की रात की घटना के बाद से शहर में दिनभर सनसनी फैली रही। इस बीच अफवाहों का बाजार गर्म रहा। संवेदनशील माहौल देखते हुए प्रशासन ने चौक बाजार में भारी पुलिस बल मुस्तैद कर लिया। दसवीं के जुलूस की भीड़ के बाद भी लोगों के चेहरे में भय साफ दिखाई पड़ रहा था। जहां एक ओर दसवीं का ताजिया उठाने की तैयारी चल रही थी, वहीं कोतवाली में प्रशासन विरोधी नारेबाजी को सुन लोग सकते में रहे। इस दौरान बाजार में महिलाएं कम दिखीं। यहां तक कि रिक्शा चालक भी चौक सवारी ले जाने से इनकार कर रहे थे। इसी तरह कुछ धर्मगुरुओं की गिरफ्तारी को लेकर अफवाहें शहर में फैली रही। स्थिति को भांपते हुए चौक चौराहा, बाकरगंज, पीलू तले समेत आसपास भारी पुलिस पीएसी के जवान तैनात रहे। जत्थों में पुलिस के जवान गश्त करते रहे।
बुधवार की रात बिगड़ा माहौल थमने से भले ही जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली हो। लेकिन दसवीं का मुहर्रम जुलूस शांति से निपटें इसे लेकर जिला प्रशासन चौकन्ना है। प्रशासन ने आनन फानन में कोतवाली परिसर में दोनों संप्रदाय के लोगों के साथ बैठक कर घटना के बाद उपजे माहौल को दूर करने का प्रयास किया। बैठक में दोनों संप्रदाय के लोगों ने अराजक तत्वों की हरकत की पुरजोर निंदा की। मौजूद लोगों ने घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। अधिकारियों ने लोगों के सुझाव लेते हुए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले समाज विरोधी तत्वों से निपटने की रणनीति बनाई।पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि घटना से वह स्वयं आहत हैं जो भी दोषी हो प्रशासन उन्हें चिन्हित कर जेल भेजे। सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले कभी समाज के हितैषी नहीं होते हैं। उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। शहर काजी कारीफरीउद्दीन कादरी ने कहा कि इस तरह की हरकत करने वाला चाहे जिस संप्रदाय का हो प्रशासन उसके खिलाफ सख्ती से पेश आए। ताकि घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) नगर अध्यक्ष सत्यभगवान ने घटना के लिए सीधे तौर पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि तोड़फोड़ करने वाले अराजक तत्वों के पीछे पुलिस दौड़ रही थी। पुलिस आरोपियों को मौके से ही पकड़ लेती तो मामला यहां तक नहीं पहुंचता। प्रशासन हर बार पीस कमेटी की बैठक कर तमाम वादे करता है लेकिन किसी मामले में अमल नहीं करता है।
नगर पालिका अध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि दोनों संप्रदायों के लोगों का एक संगठन तैयार किया जाएगा। जो एक दूसरे के त्योहारों में अपनी सहभागिता निभा कर सांप्रदायिक विवाद से बचा सकें। एसपी रामशंकर ने कहा कि पुलिस तो आरोपियों के खिलाफ सख्ती से निपटेगी। उन्होंने सभी से शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की। जिलाधिकारी सौरभ बाबू ने कहा किसी समस्या के लिए सामाजिक माहौल बिगड़ना कतई ठीक नहीं है। इस मौके पर एडीएम,एएसपी, एसडीएम तथा सीओ मौजूद रहे।दो दिन बाद अब हालात नियंत्रण में है , पुलिस ने छापामारी करके कई अराजक तत्वों को गिरफ्तार किया है ।