सीवर लाइन का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा

नगर पालिका परिषद जलनिकासी समस्या के स्थाई निराकरण के लिए गंभीर है। इसके तहत परिषद प्रशासन अभी हाल ही में 163.71 लाख का सीवर लाइन का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा है। अधिशासी अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता का कहना है कि अच्छी पहल करके इस बार सीवर लाइन निर्माण के लिए बजट अवमुक्त करा लिया जाएगा।मालूम हो कि शहर की जलनिकासी समस्या का फिलहाल कोई पुरसाहाल नहीं है। घरों का गंदा पानी निकलने की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों में गंदा पानी भरता रहता है जिससे सड़कें बर्बाद हो जाती है। इतना ही नहीं बारिश में भीषण बरसात के कारण जलभराव से निपटने के लिए नगर पालिका परिषद को लाखों के वारे न्यारे करने पड़े। लगातार महीनेभर से अधिक समय तक दो दर्जन डीजल पंपिंग सेट और मोटर पंप लगाकर जल निकासी करना पड़ा। ऐसी स्थिति में इस बार परिषद ने जलनिकासी की समस्या को गंभीरता से लिया है।
वैसे तो शहर में सीवर लाइन निर्माण के प्रस्ताव कई बार शासन को भेजे जा चुके हैं। एक बार तो निर्माण को हरी झंडी भी मिल चुकी है, लेकिन ……

तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का तख्ता पलट होने के साथ सीवर लाइन निर्माण का काम अधर में अटक गया था। खास बात तो यह रही कि कुछ दिन बाद निर्माण कराने के लिए आया बजट भी वापस चला गया था। ऐसी हालत में एक बार फिर चेयरमैन अजय अवस्थी ने प्रस्ताव तैयार कराकर शासन स्तर पर पहले करने की जिम्मेदारी ईओ अरुण कुमार गुप्ता को सौंपी है। ईओ ने बताया कि प्रस्ताव शासन में पहुंच गया है। उन्हें विश्वास है कि इस बार सीवर लाइन निर्माण के लिए बजट अवश्य आवंटित हो जाएगा।

शहरवासियों को जल्द ही गंदगी की समस्या से निजात

शहरवासियों को जल्द ही गंदगी की समस्या से निजात मिलने वाली है। इसके लिए नगर पालिका परिषद के सालिड वेस्ट परियोजना के लिए शासन से हरी झंडी मिल गई है। केंद्र सरकार ने 9 करोड़ 37 लाख 93 हजार का बजट स्वीकृत कर दिया है। पहले चरण में कुल बजट का 75 फीसदी अवमुक्त भी हो चुका है। नए साल में परियोजना का काम चालू हो जाएगा।नगर पालिका परिषद के चार साल शुरू किए गए प्रयासों के सार्थक परिणाम आने लगे हैं। पूर्व बोर्ड के कार्यकाल में सालिड वेस्ट परियोजना का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा गया था। इसमें 80 फीसदी धनराशि केंद्र्र सरकार और 10-10 फीसदी अंश धनराशि राज्य और निकाय को देने का प्रावधान था। परियोजना स्वीकृत कराने के लिए तीन-चार महीने पहले से प्रयास शुरू किए गए जिसके तहत केंद्र ने परियोजना को हरी झंडी दे दी है। परियोजना का उद्‌देश्य शहर को साफ सुथरा बनाना है। इसके तहत प्रथम दृष्टया नगर पालिका परिषद ने भी तैयारी शुरू कर दी है जिसके तहत मलाका के समीप 5 एकड़ जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। पूरे शहर का कूड़ा कचरा डंपरों से चिह्नित स्थल पर पहुंचाया जाएगा जिससे कंपोस्ट खाद तैयार की जाएगी। इस परियोजना के तहत नगर पालिका परिषद के सफाई विभाग को संसाधनों से मजबूत किया जाएगा। साथ ही आधा दर्जन घरों के बीच कूड़ादान लगाए जाएंगे। रोज सुबह सफाई कर्मचारी रिक्शा ठेला लेकर कूड़ा लादने पहुंचेगा। इसके बाद डंपरों में भरकर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया जाएगा जहां नष्ट न होने वाली वस्तुओं को जमीन के नीचे काफी गहराई में दबा दिया जाएगा, जबकि शेष की कंपोस्टिंग की जाएगी। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता का कहना है कि केंद्र सरकार ने पहले चरण में इस परियोजना की 7 करोड़ 50 लाख 34 हजार की धनराशि राज्य सरकार को अवमुक्त कर दी है। जल्द ही यह धनराशि नगर पालिका परिषद के खाते में आ जाएगी। उन्होंने बताया कि सालिड वेस्ट परियोजना चालू हो जाने से शहर सफाई व्यवस्था के मामले पूरी तरह से मजबूत हो जाएगा। नए साल में परियोजना शुरू हो सकती है। क्योंकि शासन से इस आशय का पत्रक मिलते ही नगर पालिका परिषद ने तैयारी भी शुरू कर दी है। बजट मिलते ही काम शुरू कराने में विलंब नहीं किया जाएगा।

सीवर लाइन का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा

नगर पालिका परिषद जलनिकासी समस्या के स्थाई निराकरण के लिए गंभीर है। इसके तहत परिषद प्रशासन अभी हाल ही में 163.71 लाख का सीवर लाइन का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा है। अधिशासी अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता का कहना है कि अच्छी पहल करके इस बार सीवर लाइन निर्माण के लिए बजट अवमुक्त करा लिया जाएगा।मालूम हो कि शहर की जलनिकासी समस्या का फिलहाल कोई पुरसाहाल नहीं है। घरों का गंदा पानी निकलने की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों में गंदा पानी भरता रहता है जिससे सड़कें बर्बाद हो जाती है। इतना ही नहीं बारिश में भीषण बरसात के कारण जलभराव से निपटने के लिए नगर पालिका परिषद को लाखों के वारे न्यारे करने पड़े। लगातार महीनेभर से अधिक समय तक दो दर्जन डीजल पंपिंग सेट और मोटर पंप लगाकर जल निकासी करना पड़ा। ऐसी स्थिति में इस बार परिषद ने जलनिकासी की समस्या को गंभीरता से लिया है।
वैसे तो शहर में सीवर लाइन निर्माण के प्रस्ताव कई बार शासन को भेजे जा चुके हैं। एक बार तो निर्माण को हरी झंडी भी मिल चुकी है, लेकिन ……

तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का तख्ता पलट होने के साथ सीवर लाइन निर्माण का काम अधर में अटक गया था। खास बात तो यह रही कि कुछ दिन बाद निर्माण कराने के लिए आया बजट भी वापस चला गया था। ऐसी हालत में एक बार फिर चेयरमैन अजय अवस्थी ने प्रस्ताव तैयार कराकर शासन स्तर पर पहले करने की जिम्मेदारी ईओ अरुण कुमार गुप्ता को सौंपी है। ईओ ने बताया कि प्रस्ताव शासन में पहुंच गया है। उन्हें विश्वास है कि इस बार सीवर लाइन निर्माण के लिए बजट अवश्य आवंटित हो जाएगा।

शहरवासियों को जल्द ही गंदगी की समस्या से निजात

शहरवासियों को जल्द ही गंदगी की समस्या से निजात मिलने वाली है। इसके लिए नगर पालिका परिषद के सालिड वेस्ट परियोजना के लिए शासन से हरी झंडी मिल गई है। केंद्र सरकार ने 9 करोड़ 37 लाख 93 हजार का बजट स्वीकृत कर दिया है। पहले चरण में कुल बजट का 75 फीसदी अवमुक्त भी हो चुका है। नए साल में परियोजना का काम चालू हो जाएगा।नगर पालिका परिषद के चार साल शुरू किए गए प्रयासों के सार्थक परिणाम आने लगे हैं। पूर्व बोर्ड के कार्यकाल में सालिड वेस्ट परियोजना का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा गया था। इसमें 80 फीसदी धनराशि केंद्र्र सरकार और 10-10 फीसदी अंश धनराशि राज्य और निकाय को देने का प्रावधान था। परियोजना स्वीकृत कराने के लिए तीन-चार महीने पहले से प्रयास शुरू किए गए जिसके तहत केंद्र ने परियोजना को हरी झंडी दे दी है। परियोजना का उद्‌देश्य शहर को साफ सुथरा बनाना है। इसके तहत प्रथम दृष्टया नगर पालिका परिषद ने भी तैयारी शुरू कर दी है जिसके तहत मलाका के समीप 5 एकड़ जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। पूरे शहर का कूड़ा कचरा डंपरों से चिह्नित स्थल पर पहुंचाया जाएगा जिससे कंपोस्ट खाद तैयार की जाएगी। इस परियोजना के तहत नगर पालिका परिषद के सफाई विभाग को संसाधनों से मजबूत किया जाएगा। साथ ही आधा दर्जन घरों के बीच कूड़ादान लगाए जाएंगे। रोज सुबह सफाई कर्मचारी रिक्शा ठेला लेकर कूड़ा लादने पहुंचेगा। इसके बाद डंपरों में भरकर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया जाएगा जहां नष्ट न होने वाली वस्तुओं को जमीन के नीचे काफी गहराई में दबा दिया जाएगा, जबकि शेष की कंपोस्टिंग की जाएगी। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता का कहना है कि केंद्र सरकार ने पहले चरण में इस परियोजना की 7 करोड़ 50 लाख 34 हजार की धनराशि राज्य सरकार को अवमुक्त कर दी है। जल्द ही यह धनराशि नगर पालिका परिषद के खाते में आ जाएगी। उन्होंने बताया कि सालिड वेस्ट परियोजना चालू हो जाने से शहर सफाई व्यवस्था के मामले पूरी तरह से मजबूत हो जाएगा। नए साल में परियोजना शुरू हो सकती है। क्योंकि शासन से इस आशय का पत्रक मिलते ही नगर पालिका परिषद ने तैयारी भी शुरू कर दी है। बजट मिलते ही काम शुरू कराने में विलंब नहीं किया जाएगा।
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