फतेहपुरिया बने इलाहाबाद जोन के आईजी

फतेहपुर के निवासी , और एक प्राथमिक शिक्षक के पुत्र होने के नाते इलाहाबाद जोन के आईजी बनाये गए सूर्ये कुमार शुक्ला से मेरी एक मुलाकात के अनुभव से मैं उन्हें एक पुलिस अधिकारी से बेहतर एक शिक्षक मानता हूँ .

प्रस्तुत है उनके फतेहपुर आगमन से सम्बंधित जागरण रिपोर्ट -

इलाहाबाद जोन सूर्य कुमार शुक्ला ने शासन की मंशा को अमलीजामा देने के लिये आदर्श पुलिस व्यवस्था लागू कर दी है। दावा किया है कि इसका असर भी यहां की जनता को कुछ दिनों में ही दिखने लगेगा। आईजी रविवार को बांदा जाने से पहले मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुये अपनी बात शानदार तरीके से रखी।

रविवार को पुलिस लाइन के निरीक्षण भवन में प्रात: दस बजे आईजी ने सवालों के क्रम में कहा कि वर्दीधारियों को अब अपनी आदतों में सुधार करना होगा। अच्छे-बुरे लोगों की पहचान करनी होगी। निर्देश दिये कि थाना चौकियों पर बिना वजह कोई नहीं बैठेगा। थाने पर दलाल रजिस्टर बनाया जायेगा। जिसमें इनके नाम दर्ज हो। क्षेत्र के हर दरोगा सिपाही के कार्य का निर्धारण होगा।

आईजी ने सख्त तेवर दिखाते हुये कहा कि वर्दीधारी कोई भी अधिकारी कर्मचारी क्षेत्र के किसी के घर भोज पर नहीं जायेगा। इससे समाज पर गलत असर पड़ता है। समाज में सामान्यता का भाव रहे इसके लिये एसओ गैर बिरादरी के लोगों से अधिक मिलें। निर्देश दिये कि सिपाही से लेकर सीओ तक अपने क्षेत्र में सघन गश्त करके अपराधियों को सबक सिखायेंगे। यह भी निर्देश दे गये कि अपराध नियंत्रण में किसी का दबाव-प्रभाव नहीं मानेंगे। किसी के साथ सौतेला व्यवहार नहीं करेगे। थाने पर आये सज्जान व्यक्ति के साथ अपनत्तवपूर्ण व्यवहार करेंगे। लेकिन समाज में आतंक फैलाने वालों को ऐसा सबक सिखायेंगे की वह जिंदगी भर याद रखें। एक सवाल के जवाब में कहा कि गैर जिले से गुप्त टीमें भेजकर थानेवार बीस फीसदी विभाग के अच्छे बुरे कर्मियों को सूची बंद्ध करवाया जायेगा। इन्हे पर कार्रवाई इनाम भी दिया जायेगा। जिला बदर भी किये जायेंगे। आईजी ने जाते वक्त एसपी केएस पिपिल से यह भी कह गये कि जिले का होने की वजह से यदि कोई मेरा नाम लेकर लेकर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करे, तो उस पर कड़ी कार्रवाई करे। बाद में अपर पुलिस अधीक्षक माता प्रसाद समेत सभी सीओ से मिले। बताते चलें कि आईजी शनिवार को यहां गये थे जो दूसरे दिन रविवार को दोपहर बाद यहां से बांदा के लिये रवाना हुये।

देखते हैं की वह इस पद पर कितने दिन रह पाते हैं और जनपद के साथ साथ समाज की सेवा कर पाते हैं ? हमारी शुभकामनायें उनके साथ हैं ।

फतेहपुरिया बने इलाहाबाद जोन के आईजी

फतेहपुर के निवासी , और एक प्राथमिक शिक्षक के पुत्र होने के नाते इलाहाबाद जोन के आईजी बनाये गए सूर्ये कुमार शुक्ला से मेरी एक मुलाकात के अनुभव से मैं उन्हें एक पुलिस अधिकारी से बेहतर एक शिक्षक मानता हूँ .

प्रस्तुत है उनके फतेहपुर आगमन से सम्बंधित जागरण रिपोर्ट -

इलाहाबाद जोन सूर्य कुमार शुक्ला ने शासन की मंशा को अमलीजामा देने के लिये आदर्श पुलिस व्यवस्था लागू कर दी है। दावा किया है कि इसका असर भी यहां की जनता को कुछ दिनों में ही दिखने लगेगा। आईजी रविवार को बांदा जाने से पहले मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुये अपनी बात शानदार तरीके से रखी।

रविवार को पुलिस लाइन के निरीक्षण भवन में प्रात: दस बजे आईजी ने सवालों के क्रम में कहा कि वर्दीधारियों को अब अपनी आदतों में सुधार करना होगा। अच्छे-बुरे लोगों की पहचान करनी होगी। निर्देश दिये कि थाना चौकियों पर बिना वजह कोई नहीं बैठेगा। थाने पर दलाल रजिस्टर बनाया जायेगा। जिसमें इनके नाम दर्ज हो। क्षेत्र के हर दरोगा सिपाही के कार्य का निर्धारण होगा।

आईजी ने सख्त तेवर दिखाते हुये कहा कि वर्दीधारी कोई भी अधिकारी कर्मचारी क्षेत्र के किसी के घर भोज पर नहीं जायेगा। इससे समाज पर गलत असर पड़ता है। समाज में सामान्यता का भाव रहे इसके लिये एसओ गैर बिरादरी के लोगों से अधिक मिलें। निर्देश दिये कि सिपाही से लेकर सीओ तक अपने क्षेत्र में सघन गश्त करके अपराधियों को सबक सिखायेंगे। यह भी निर्देश दे गये कि अपराध नियंत्रण में किसी का दबाव-प्रभाव नहीं मानेंगे। किसी के साथ सौतेला व्यवहार नहीं करेगे। थाने पर आये सज्जान व्यक्ति के साथ अपनत्तवपूर्ण व्यवहार करेंगे। लेकिन समाज में आतंक फैलाने वालों को ऐसा सबक सिखायेंगे की वह जिंदगी भर याद रखें। एक सवाल के जवाब में कहा कि गैर जिले से गुप्त टीमें भेजकर थानेवार बीस फीसदी विभाग के अच्छे बुरे कर्मियों को सूची बंद्ध करवाया जायेगा। इन्हे पर कार्रवाई इनाम भी दिया जायेगा। जिला बदर भी किये जायेंगे। आईजी ने जाते वक्त एसपी केएस पिपिल से यह भी कह गये कि जिले का होने की वजह से यदि कोई मेरा नाम लेकर लेकर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करे, तो उस पर कड़ी कार्रवाई करे। बाद में अपर पुलिस अधीक्षक माता प्रसाद समेत सभी सीओ से मिले। बताते चलें कि आईजी शनिवार को यहां गये थे जो दूसरे दिन रविवार को दोपहर बाद यहां से बांदा के लिये रवाना हुये।

देखते हैं की वह इस पद पर कितने दिन रह पाते हैं और जनपद के साथ साथ समाज की सेवा कर पाते हैं ? हमारी शुभकामनायें उनके साथ हैं ।

फतेहपुर के एक और लाल रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’

फतेहपुर के एक और साहित्यिक विरासत के मूर्धन्य कवि से परिचय करें …...

ज्यादा जानने के लिए यंहा क्लिक करें

प्रमुख रचनाएँ

  • जब नींद नहीं आती होगी
  • दो सजा मुझको असंयत कामना के ज्वार पर


रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’



जन्म: 01 मई 1915

उपनाम अंचल
जन्म स्थान किशनपुर, फ़तेहपुर, उत्तर प्रदेश, भारत
कुछ प्रमुख

कृतियाँ
विविध
जीवनी <a href="http://hi.literature.wikia.com/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0_%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B2_%27%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%B2%27_/_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%AF&action=edit" title="रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’/ परिचय
Rameshwar Shukla Anchal, Rameshvar Shukl Anchal

<a href="http://hi.literature.wikia.com/wiki/%E0%A4%9C%E0%A4%AC_%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%82%E0%A4%A6_%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82_%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A5%80_%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80_/_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0_%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B2_%27%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%B2%27" title="

फतेहपुर के एक और लाल रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’

फतेहपुर के एक और साहित्यिक विरासत के मूर्धन्य कवि से परिचय करें …...

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प्रमुख रचनाये -

रामेश्वर शुक्लअंचल

जन्म: 01 मई 1915

उपनाम अंचल
जन्म स्थान किशनपुर, फ़तेहपुर, उत्तर प्रदेश, भारत
कुछ प्रमुख

कृतियाँ

विविध
जीवनी रामेश्वर शुक्लअंचल‘ / परिचय
Rameshwar Shukla Anchal, Rameshvar Shukl Anchal
  • जब नींद नहीं आती होगी
  • दो सजा मुझको असंयत कामना के ज्वार पर

फतेहपुर के एक और लाल रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’

फतेहपुर के एक और साहित्यिक विरासत के मूर्धन्य कवि से परिचय करें …...

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प्रमुख रचनाएँ

  • जब नींद नहीं आती होगी
  • दो सजा मुझको असंयत कामना के ज्वार पर


रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’



जन्म: 01 मई 1915

उपनाम अंचल
जन्म स्थान किशनपुर, फ़तेहपुर, उत्तर प्रदेश, भारत
कुछ प्रमुख

कृतियाँ
विविध
जीवनी <a href=”http://hi.literature.wikia.com/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0_%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B2_%27%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%B2%27_/_%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%AF&action=edit” title=”रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’/ परिचय
Rameshwar Shukla Anchal, Rameshvar Shukl Anchal

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