विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया 2007 के अंतिम बैच के प्रशिक्षण पश्चात् क्रियात्मक ट्रेनिंग की तैयारियां शुरू

विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया 2007 के अंतिम बैच का पंद्रह दिवसीय सामुदायिक प्रशिक्षण समाप्त होते ही उनके क्रियात्मक ट्रेनिंग की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट)अंतिम बैच के सभी 192 प्रशिक्षणार्थियों की सूची बेसिक शिक्षा विभाग को भेज दी है। ऐसी हालत में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चयनित अभ्यर्थियों को विद्यालयों से संबद्ध करने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 16 फरवरी को इन सभी प्रशिक्षणार्थियों को विद्यालय आवंटित कर दिए जाएंगे।अंतिम बैच के विशिष्ट बीटीसी के चयनित अभ्यर्थियों का सामुदायिक प्रशिक्षण पूरा होते ही अभ्यर्थियों ने सुविधा जनक विद्यालयों ट्रेनिंग लेने की जुगत भिड़ाना शुरू कर दिया है। इन दिनों आलम यह है कि अवकाश के दिन भी संबंधित कर्मचारियों के घरों में अभ्यर्थियों की भीड़ देखी जा सकती है।

विभागीय सूत्र तो बताते हैं कि इस बार अधिकांश प्रशिक्षणार्थियों को सुविधा वाले स्कूल ही आवंटित किए जाएंगे। इसके पीछे तर्क यह है कि इन दिनों कोई भी बैच स्कूलों में संबद्ध नहीं रह गया है। इसके पहले के बैच के प्रशिक्षार्थी तीन महीने का क्रियात्मक प्रशिक्षण पूरा करके डायट वापस लौट चुके हैं। ऐसी हालत में इस बैच के प्रशिक्षणार्थियों को अधिक दूर प्रशिक्षण के लिए नहीं जाना पडे़गा। पटल प्रभारी राजेश तिवारी का कहना है कि अभ्यर्थियों की सूची कार्यालय को प्राप्त हो चुकी है। ऐसी हालत में एक दो दिन सभी को विद्यालय आवंटित कर दिए जाएंगे।

विद्यालय आवंटन की तैयारी पूरी

बेसिक शिक्षा अधिकारी राजकुमार पंडित का कहना है कि विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटित करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। विद्यालयों की सूची तैयार कर ली गई है। अगर कोई विभागीय अड़चन नहीं आती है, तो 16 फरवरी को विद्यालय आवंटन का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके व्यवस्था के लिए पटल प्रभारी को निर्देश दिए जा चुके हैं।

पूरे 40 दिन स्कूल बंद होने के बावजूद विभाग द्वारा खाद्यान्न का आवंटन

मिड-डे मील योजना ने ग्राम प्रधानों की लाटरी खोल दी है। शासन ने पिछले तीन महीने का लैप्स खाद्यान्न का आवंटन करके संचालकों की जेब भरने का रास्ता खोल दिया है। इसके तहत 1968.17 मीट्रिक टन खाद्यान्न के खेप बेसिक शिक्षा विभाग को मिल चुकी है, जिसके आवंटन के लिए विभाग ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।मिड-डे मील योजना का अप्रैल, मई और जून 2008 का तीन महीने का खाद्यान्न शासन के आदेश पर लैप्स कर लिया था। खाद्यान्न का आवंटन होने से अधिकांश विद्यालयों में दोपहर का भोजन वितरण बंद भी हो गया था। इसके अलावा 20 मई से पूरे जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण भोजन वितरण तो बंद रहना स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति पूरे 40 दिन स्कूल बंद होने के बावजूद विभाग द्वारा खाद्यान्न का आवंटन किया जाना पूरी तरह से प्रधानों को जेब भरने का अवसर प्रदान किया जाना है। इसके बावजूद शासन ने पूरे तीन महीने का लैप्स खाद्यान्न आवंटित कर दिया है।
विभाग ने लैप्स खाद्यान्न के आवंटन के लिए शासन में लिखा पढ़ी की थी, जिसपर छह महीने बाद कार्रवाई हो पाई है। इसके तहत जिले के सभी 1656 प्राइमरी स्कूलों के लिए गेहूं और चावल मिलाकर कुल 1193.48 मीट्रिक टन खाद्यान्न तथा कुल 504 जूनियर हाईस्कूलों के लिए 774.69 मीटि्रक टन खाद्यान्न का आवंटन शासन ने कर दिया है। खाद्यान्न वितरण के लिए विभाग ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके तहत सभी एबीएसए से आख्या मांगी गई है। हालांकि इसका दूसरा पहलू यह है कि प्रधान इस खाद्यान्न क्या करेंगे, क्योंकि अगर मान लिया जाए कि अवकाश के दिनों खाद्यान्न और कन्वर्जन कास्ट वार्षिक रिपोर्ट में अजेüस्ट की जाएगी तो भी अप्रैल से लेकर 20 मई तक के खाद्यान्न और धन बेचकर अपनी जेब भरेंगे।
इस बारे में मिड-डे मील योजना के जिला समन्वयक आशीष दीक्षित का कहना है कि सभी एबीएसए की रिपोर्ट के आधार पर ही खाद्यान्न का आवंटन किया जाएगा। अगर एबीएसए किसी विद्यालय में इन महीनों में भोजन का वितरण होने की रिपोर्ट देते हैं तो उनका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मिड डे मील योजना में धन और खाद्यान्न और कन्वर्जन कास्ट का आवंटन तिमाही होता है। यह बात दीगर है कि अगली त्रैमासिक रिपोर्ट में धन और खाद्यान्न का एडजेस्टमेंट कर दिया जाता है।

बीएसए राजकुमार पंडित का कहना है कि शासन में मिड-डे मील योजना का खाद्यान्न और कनवर्जन औसतन महीनेवार आवंटित की जाती है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग उसका आवंटन कार्य दिवसों के आधार पर करता है। उदाहरण के तौर अगर किसी भी महीने के तीस दिन का खाद्यान्न और कन्वर्जन कास्ट आवंटित की जाती है तो जितने दिन विद्यालय बंद रहता है उतने दिनों का खाद्यान्न और कन्वर्जन कास्ट अगले महीने में जोड़कर आवंटन किया जाता है।

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